ज्ञानेश तुरंत इस्तीफा दें : राहुल गांधी

स्पष्टता न्यूज

नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति से जुड़ी ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय राजनीति में सत्ता-विरोधी लहर का मुद्दा उठाया।
राहुल गांधी ने कहा कि वह हाल में खबरों में आई कुछ बातों पर अपनी राय रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और अपनी जिंदगी के 50 से ज्यादा साल एक राजनीतिक परिवार के बीच बिताए हैं। उनके मुताबिक, भारत में ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ एक बुनियादी राजनीतिक ताकत है, जो तेजी से किसी भी सरकार के खिलाफ माहौल बना सकती है और किसी को भी इससे छूट नहीं मिलती। राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने बांग्लादेश युद्ध जीता था और उस समय वह अपनी लोकप्रियता के चरम पर थीं। इसके बावजूद एक-दो साल के भीतर उन्हें जबरदस्त सत्ता-विरोधी लहर और भारी राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में ऐसा कई नेताओं के साथ लगातार होता रहा है। राहुल गांधी के अनुसार, कांग्रेस के नेताओं को भी इसका सामना करना पड़ा है और क्षेत्रीय दलों के नेता भी सत्ता-विरोधी लहर से प्रभावित होते रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी के मामले में ऐसा क्यों नहीं होता। उन्होंने इसी संदर्भ में एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति से जुड़ी रिपोर्ट का जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय राजनीति में सत्ता-विरोधी लहर एक सामान्य और प्रभावशाली राजनीतिक ताकत रही है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में बीजेपी को लेकर यह सवाल अलग तरीके से सामने आता है।

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